शारदा मुख्य नहर किनारे अर्ध-पक्का मकान ध्वस्त, विभाग और पीड़ित के दावे आमने-सामने
स्थान: बनबसा (चंपावत)
रिपोर्ट: सुभाष चंद
मो.: 9410717042
बनबसा। बनबसा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है। शारदा मुख्य नहर के किनारे बने एक अर्ध-पक्के मकान को सिंचाई विभाग ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद पीड़ित ने विभाग पर पक्षपात और रिश्वत मांगने के आरोप लगाए हैं, जबकि विभाग ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए पूरी कार्रवाई को नियमानुसार बताया है।
मामला तहसील पूर्णागिरि टनकपुर जिला चंपावत के धनुष पुल, बनबसा क्षेत्र का है। यहां शारदा मुख्य नहर किनारे गोपाल राम द्वारा बनाए जा रहे अर्ध-पक्के मकान पर सिंचाई विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए निर्माण ध्वस्त कर दिया।
पीड़ित गोपाल राम का कहना है कि वह वर्षों से यहां खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनका आरोप है कि विभाग ने केवल उनके मकान पर कार्रवाई की, जबकि बनबसा बैराज से लाल कोठी तक नहर किनारे बने कई बड़े भवनों और कोठियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनसे 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
वहीं, सिंचाई विभाग के एसडीओ प्रशांत कुमार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान का हिस्सा है। विभाग की ओर से बनबसा बैराज से लाल कोठी तक सभी अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं तथा मुनादी भी कराई गई है। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
एसडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि गोपाल राम को पहले दो बार नोटिस देकर पक्का निर्माण न करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान विभागीय कर्मचारियों के साथ अभद्रता की गई और उनकी बाइक की चाबी भी छीन ली गई।

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